पानी की गति ही नदी की गहराई बता देती है परछाईं भी एक वज़ूद...
कवि/शाइर जीके पिपिल
जीके पिपिल देहरादून। गज़ल तुम्हारा दीदार तो क्या तुम्हारी तस्वीर को तरस गए हम...
जीके पिपिल देहरादून ——————————————————————- गज़ल चार आदमियों की ज़मात को कारवां समझ बैठा धुंआ...
जीके पिपिल देहरादून। ————————————————————————— गज़ल चिराग़ों को बेचकर कभी उजाले नहीं खरीदे जाते ख़ाली...
जीके पिपिल देहरादून। गीत मैं क़तरा हूं और तन्हा हूं अपनी जलधार में ले...
जीके पिपिल देहरादून गज़ल खरीदार तो थे हम लुटा बाज़ार होकर रह गए क़ुदरत...
जीके पिपिल देहरादून सरस्वती वंदना मां सरस्वती मां सरस्वती मां सरस्वती मां सरस्वती मां...
जीके पिपिल देहरादून गज़ल अपने हुनर से आज कुछ ऐसा क़माल कर तेरे पास...
जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड गज़ल सहर भी कब की हो गई आंखों में रात...
जीके पिपिल देहरादून, उत्तराखंड गज़ल पशोपेश में हैं अब किसका इंतिखाब करें बेताब हर...

