-सोमवार को संसदीय जल संसाधन स्थायी समिति के अध्यक्ष परबतभाई सवाभाई पटेल के नेतृत्व में सांसदों का 8 सदस्यीय दल टिहरी के भागीरथीपुरम पहुंचा। टीएचडीसी गेस्ट हाउस में विधायक किशोर उपाध्याय, डीएम डॉ सौरभ गहरवार, टीएचडीसी के सीएमडी आरके बिश्नोई ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया।
केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की संसदीय जल संसाधन स्थायी समिति के 8 सदस्यीय दल ने सोमवार को टिहरी बांध का भ्रमण किया। उन्होंने विद्युत उत्पादन, जलस्तर, पेयजल आपूर्ति, सिंचाई, पुनर्वास कार्यों की जानकारी ली। कहा कि बांध निर्माण के लिए टिहरी के लोगों ने योगदान देकर देश की ऊर्जा और पानी की जरूरतों की पूरा करने का काम किया है। समिति के सदस्यों ने टिहरी डैम, व्यू प्वाइंट, म्यूजियम, पावर हाउस का निरीक्षण कर विद्युत उत्पादन की तकनीकी जानी। तृतीय चरण में बनने वाली टिहरी बांध की एक हजार मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) का भी जायजा लिया।
समिति के अध्यक्ष परबतभाई सवाभाई पटेल ने कहा कि दुनिया में जल संकट गहरा रहा है। इसके लिए विशेष उपाय करने की जरूरत है। जल प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार कार्य योजना बनाकर कार्य कर रही है। टीएचडीसी के सीएमडी बिश्नोई ने बांध से विद्युत उत्पादन, वार्षिक क्षमता, टिहरी और कोटेश्वर बांध परियोजना सहित पीएसपी (पंप स्टोरेज प्लांट) की जानकारी दी।
सिंचाई सचिव हरीश चंद्र सेमवाल ने टिहरी बांध के पुनर्वास, बांध प्रभावित क्षेत्रों में अवस्थापना विकास के कार्यों से रूबरू कराया। इस मौके समिति के सदस्य सांसद निहाल चंद चौहाण, प्रताप चंद्र सारंगी, विजय बाघेल, गुमान सिंह दामोर, पी रविंद्रनाथ, किरोड़ी लाल मीणा, अनिल प्रसाद हेगड़े, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, टीएचडीसी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी, मुख्य महाप्रबंधक आरआर सेमवाल, महाप्रबंधक अभिषेक गौड़, एजीएम डॅा एएन त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
किशोर को उपाध्याय दिल्ली आने का न्योता
विधायक किशोर उपाध्याय ने समिति के अध्यक्ष से मुलाकात कर हिमालय और गंगा के वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध दिल्ली समेत आधा दर्जन राज्यों को पेयजल, सिंचाई की सुविधा दे रहा है। यदि समय रहते हिमालय का प्रबंधन ठीक से नहीं हुआ तो अगले 50 सालों में हिमालय पर बर्फ नहीं बचेगी। समिति के अध्यक्ष ने विधायक को कार्य योजना और दस्तावेजों के साथ दिल्ली आने का न्योता दिया।


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