शनिवार शाम करीब सात बजे रैंतोली-जवाड़ी बाईपास पर जगतोली से करीब एक किमी आगे पहाड़ी से भारी भूस्खलन हो गया, जिससे टनों मलबा पेड़-पौधों सहित हाईवे पर आ गिरा। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि मलबा साफ करने में चार से पांच दिन लग सकते हैं।
उत्तराखंड मीमांसा न्यूज (ब्यूरो)। ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को जोड़ने वाले रैंतोली-जवाड़ी बाईपास पर भारी भूस्खलन से टनों मलबा जमा हो गया है, जिस कारण दो तरफा यातायात रोक दिया गया है। एनएच के अनुसार मलबा साफ करने में चार से पांच दिन लग सकते हैं।
शनिवार शाम करीब सात बजे रैंतोली-जवाड़ी बाईपास पर जगतोली से करीब एक किमी आगे पहाड़ी से भारी भूस्खलन हो गया, जिससे टनों मलबा पेड़-पौधों सहित हाईवे पर आ गिरा। मलबा इतना अधिक था कि पलभर में यहां सड़क से करीब 10 से 15 फीट से अधिक ऊंचा टीला बन गया। भारी मलबा देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि सड़क के 25 से 30 मीटर हिस्से को भी व्यापक क्षति पहुंची है। बाईपास के अवरुद्ध होते ही दो तरफा यातायात रोक दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बाईपास अवरिद्ध होने पर जानमाल का नुकसान नहीं है। इतना सही रहा कि जो वाहन बाईपास पर दौड़ रहे थे, वह दोनों तरफ 40 से 50 मीटर पहले से रुक गये थे।
दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि बाईपास पर भारी भूस्खलन हुआ है। मलबा साफ करने में चार से पांच दिन लग सकते हैं। संभावना है कि मलबे से सड़क को भी काफी नुकसान हुआ है।


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