बृहस्पतिवार को बिनसर अभयारण्य में भीषण आग लग गई थी। आग बुझाने गए वन बीट अधिकारी त्रिलोक सिंह मेहता, वन श्रमिक दीवान राम, फायर वॉचर करन आर्या और पीआरडी जवान पूरन सिंह की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई थी।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सात दिन पूर्व बिनसर अभयारण्य में लगी आग की चपेट में आने से झुलसे फायर वॉचर युवक कृष्ण कुमार (21) की उपचार के दौरान दिल्ली एम्स में मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि उसके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था जो उसकी मौत का कारण बताया जा रहा है। इसके साथ ही इस घटना में मरने वालों की संख्या पांच और जंगल में आग से जलने से जिले में मौतों की संख्या 10 हो गई है।
बृहस्पतिवार को बिनसर अभयारण्य में भीषण आग लग गई थी। आग बुझाने गए वन बीट अधिकारी त्रिलोक सिंह मेहता, वन श्रमिक दीवान राम, फायर वॉचर करन आर्या और पीआरडी जवान पूरन सिंह की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, फायर वॉचर कृष्ण कुमार, पीआरडी जवान कुंदन सिंह, वाहन चालक भवगत सिंह और वन श्रमिक कैलाश भट्ट बुरी तरह से झुलस गए थे। उन्हें उपचार के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया था। सातवें दिन फायर वॉचर कृष्ण कुमार जीवन की जंग हार गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घर का इकलौता चिराग बुझा
कृष्ण कुमार की मौत से घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया है। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां बेसुध है और दो बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने मौत के मुंह में समाता देख पिता के आंसू सूख चुके हैं।


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