सरकार के निर्देश पर कुछ प्रभागों में चिह्नित किए गए अतिक्रमण हटाए भी हैं। लेकिन, कुछ प्रभागों ने पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इसलिए नोडल अधिकारी की तैनाती के साथ ही जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।
(Uttarakhand Meemansa News)। उत्तराखंड में वन भूमि पर अवैध रूप से बने मंदिर, मस्जिद और मजार सब तोड़े जाएंगे। इसके लिए युद्धस्तर पर काम चलेगा। इस कार्रवाई को कुछ लोग धार्मिक चश्मे से देख रहे हैं। लेकिन, सरकार की मंशा साफ है कि वन भूमि के अतिक्रमण पर समान रूप से कार्रवाई होगी। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने यह बात कही।
उनियाल ने कहा कि अब तक 337 धार्मिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। अतिक्रमण की सीमा में जो भी आएगा, उसे हटाया जाएगा। केवल वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 से पहले बने धार्मिक स्थलों को कार्रवाई से बाहर रखा जाएगा। अतिक्रमण पर प्रभागवार रेंज स्तर पर डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। सभी प्रभागों से डाटा मिलने पर इसका खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई नई नहीं है। लेकिन, इसमें तेजी लाने के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है।



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