February 2, 2026

Uttarakhand Meemansa

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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता: राज्य के अंतिम गांव माणा से जनता का पक्ष सुनने की शुरूआत

-राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्य गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के गांवों में जाकर लेगी सुझाव।

(Uttarakhand Meemansa News)। राज्य स्तरीय समान नागरिक संहिता विषेशज्ञ समिति के सदस्यों ने जनता का पक्ष सुनने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए क्षेत्र भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। लोगों का पक्ष जानने की शुरूआत सीमान्त गॉव माणा (जनपद चमोली) शुरू की गई है। शनिवात एक अक्टूबर को माणा गॉव में सदस्यों ने बैठक कर लोगों की राय जानी।

समान नागरिक संहिता के बारे में जानकारी देने के बाद गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने अपने क्षेत्र के रीति-रिवाजों की जानकारी दी। विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दिए। कार्यक्रम में महिलाओं ने पारम्परिक वेशभूषा पहन कर प्रतिभाग किया।

जोशीमठ के नगर पालिका भवन में दोपहर दो बजे से विशेषज्ञ समिति के सदस्यों ने बैठक आयोजित कर स्थानीय लोगों से सुझाव मांगे। बैठक में महाविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रबुद्धजनों ने सुझाव दिए। क्षेत्रीय भ्रमण में समिति के सदस्य शत्रुघ्न सिंह, मनु गौड़ व डॉ सुरेखा डंगवाल शामिल रहे।

सदस्यों ने बताया कि 15 अक्टूबर से कुमाऊॅ मण्डल के जनपदों मे जनता की राय जानने के लिए भ्रमण किया जाएगा। राज्य के दूरस्थ क्षेत्र हनोल, पुरोला, उत्तरकाशी आदि में क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को सुझाव देने के लिए जागरूक किया जाएगा।

जनता के सुझाव लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी समिति

क्षेत्र भ्रमण का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को समान नागरिक संहिता की जानकारी देकर उनके सुझाव लेन है। विशेषतौर से महिलाओं व युवाओं को इसके बारे में बताते हुए विवाह, संरक्षण, तलाक, गोद लेना, सम्पत्ति का अधिकार, आदि पर सुझाव लेकर रिपोर्ट तैयार की जायेगी।

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