अंकिता के माता-पिता के साथ जुटे 40 राजनीतिक व सामाजिक संगठन। पांच प्रस्ताव पारित
उत्तराखंड मीमांसा न्यूज (ब्यूरो)। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए रविवार को देहरादून में महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर को सरकारी साजिश बताते हुए इसे रद्द करने की मांग सहित पांच प्रस्ताव पारित किए गए।
परेड ग्राउंड के पास सड़क में हुई महापंचायत में इंडिया गठबंधन के सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि अंकिता मामले में सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की जरूरत है। वर्तमान में चल रही जांच पर किसी को विश्वास नहीं है।
रावत ने कहा है कि सरकार पोषित जांच किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रायोजित शिकायत को जांच का आधार नहीं माना जा सकता।
मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि किसी भी जांच की बुनियाद एफआईआर होती है। लेकिन, इस मामले में जो एफआईआर आनन फानन में की गई है वह पूरी तरह से संदिग्ध है। अजीत अंजुम ने कहा है कि वीआईपी के नामों के खुलासे भाजपा के ही लोगों ने किए है तो उन्हें पद से भी नहीं हटाया गया।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि सरकार की ओर से प्रायोजित शिकायत को जांच का आधार नहीं माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष को जारी रखेंगें। वीआईपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए। इन्द्रेश मैखुरी ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार को जानबूझकर मामले से अलग रखा जा रहा है और उन्हें शिकायतकर्ता नहीं बनाया गया।
इस अवसर पर अनिल जोशी की एफआईआर को रदद करने, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच, जिन नेताओं के नाम सामने आए उन पर शिकंजा कसने, सरकार की जांच व 15 दिन में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर सुनवाई न होने पर नेताओं पर राज्य में आंदोलन छेड़ने सहित पांच प्रस्ताव पारित किए गए।
इस दौरान जनगीत भी गाए गए। राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर समर भंडारी, भावना पांडे, निर्मला बिष्ट, डा. उमा भटट सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।
महापंचायत में डॉ. एसएन सचान, एसएस पांगती, प्रदीप कुकरेती, सुरेंद्र कुमार, गरिमा दसौनी, संजय शर्मा, हेमा वोरा, सुरेंद्र सिंह सजवाण, अतुल शर्मा, अभिनव थापर, लोकेश नवानी, अनूप नौटियाल, भावना पांडे, शकुंतला राणा, स्वाति नेगी, महेश जोशी, गीता बिष्ट, जगमोहन मेंदीरत्ता, लेखराज, अनंत आकाश, अशोक शर्मा, गजेंद्र भंडारी, सतीश धौलाखंडी, जगदीश कुकरेती, तन्मय ममगांई, चंद्रा, पदमा गुप्ता, मोहन सिंह खत्री, सुशील त्यागी, अवधेश शर्मा, मनीष नागपाल आदि भी उपस्थित रहे।


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