ऊधमसिंह नगर जिले में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर दर्ज किए अल्पसंख्यक छात्रवृति आवेदकों की प्रमाणिकता जांचने के लिए जिले के 796 बच्चों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई थी। इनमें से छह मदरसों, शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 456 बच्चों के बारे में जानकारी संदिग्ध मिली है।
उत्तराखंड मीमांसा न्यूज (ब्यूरो)। सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल को कागजों में अल्पसंख्यक विद्यालय दर्शाकर केंद्र सरकार की ओर से पोषित विद्यालयों को दी जाने वाली छात्रवृति के मामले में मुख्यमंत्री ने विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण को जांच के आदेश दिए हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले में 2021-2022 और 2022-2023 के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर दर्ज किए अल्पसंख्यक छात्रवृति आवेदकों की प्रमाणिकता जांचने के लिए जिले के 796 बच्चों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई थी। इनमें से छह मदरसों, शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 456 बच्चों के बारे में जानकारी संदिग्ध मिली है।
इन स्कूलों में सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल किच्छा का नाम भी शामिल है। इससे धांधली का मामला सामने आया है। सरस्वती शिशु मंदिर अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं होता, दूसरा इसका संचालक मोहम्मद शारिक अतीक बताया गया है। राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल के अनुसार यहां 154 मुस्लिम बच्चों का पढ़ना बताया गया है। राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल पर ये नाम देखकर हड़कंप मचा है। सीएम धामी ने विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉ. पराग मधुकर धकाते को जांच के आदेश दिए हैं।
छात्रों और मदरसा संचालक के भी सत्यापन करने के निर्देश
सरकार ने काशीपुर के नेशनल अकादमी जेएमवाईआईएचएस में पढ़ने वाले 125 मुस्लिम छात्रों, इसके संचालक गुलशफा अंसारी, मदरसा अल जामिया उल मदरिया के 27 बच्चों और उसके संचालक मोहम्मद फैजान का सत्यापन किए जाने के भी निर्देश दिए हैं।इसके अलावा मदरसा अल्बिया रफीक उल उलूम घनसारा बाजपुर के संचालक जावेद अहमद, यहां के 39 बच्चों, जावेद अहमद के नाम से गदरपुर के मदरसा जामिया आलिया के 24 बच्चों के बारे में भी दस्तावेज जांचने और मदरसा जामिया रजा उल उलूम बाजपुर के 85 बच्चों और संचालक इरशाद अली के सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार के मंत्रालय से किया जा रहा संवाद
मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के बारे में आवेदकों के सत्यापन, भुगतान के विषय में बैंक खातों की जानकारी, संचालकों और विद्यार्थियों दोनों के जांच के निर्देश देते हुए दो सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। इस प्रकरण में केंद्र सरकार के मंत्रालय से भी संवाद किया जा रहा है।
राज्य में राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल में दी गई आवेदकों की जानकारी संदेहजनक है।
सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से छात्रवृति का प्रकरण सामने आया है,
जिसकी जांच के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव को निर्देशित किया गया है।
भ्रष्टाचार के मामलों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री


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