सुभाष चंद वर्मा
देहरादून, उत्तराखंड
आईना
आईने में देखकर यूं मुस्कुराना छोड़ दो
हसरतों के नाम पर आँसू बहाना छोड़ दो
छोड़ दो नकली कहानी झूठ के इस दौर की
खुद को सच्चे धर्म की संस्कृति से जोड़ दो
दिखते हैं चेहरे कई जिसमें एक ही शख्स के
उस आईने को घंटाघर के चौराहे पर तोड़ दो
ये धरती गोरखनाथ की राम कृष्ण की परंपरा
हार को संकल्प से विजय पथ पर मोड़ दो
छोड़ दो नकली कहानी झूठ के इस दौर की
खुद को सच्चे धर्म की संस्कृति से जोड़ दो
जुल्म को फिर से दिखा दो हौंसलों का आईना
दामन मे ही दफ़्न करके मक्कारी को तोड़ दो
छोड़ दो नकली कहानी झूठ के इस दौर की
खुद को सच्चे धर्म की संस्कृति से जोड़ दो


More Stories
प्रसव पीड़ा में तड़पती रही गर्भवती, 10 किमी पैदल चलकर पहुंची अस्पताल
रुड़की में कांवड़ पटरी पर चार बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, तीन की मौत
आवाजाही खतरनाक: थलन के पास धंस रहा लंबगांव मोटर मार्ग