October 11, 2026

Uttarakhand Meemansa

News Portal

शून्य में मिल सकता हूं, लेकिन टूट नहीं सकता: हरीश रावत

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा कि पार्टी उनके लिए सर्वोपरि है और नेतृत्व के निर्देश पर वह पीछे हटने को भी तैयार हैं। स्पष्ट बता देना चाहता हूं कि जिस क्षण हरीश रावत को लगेगा कि मैं पार्टी के लिए भार हो रहा हूं या मुझसे कहा जाएगा कि आप घर बैठिए, मैं बिना पलक झपकाए आदेश का पालन करूंगा। मगर किसी को तो सही आकलन करना पड़ेगा। 

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा, नेतृत्व में विश्वास और चुनावी हार को लेकर अपनी बात स्पष्ट शब्दों में रखी है। उन्होंने कहा कि यह सत्य है कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता और नेतृत्व के प्रति आस्था लोकतंत्र को शक्ति देती है। मैंने हमेशा पार्टी को बड़ा माना और नेतृत्व के प्रति अटूट आस्था रखी।

हरदा ने सोशल मीडिया पर साझा की पोस्ट में लिखा कि वर्ष 2002 और वर्ष 2012 से कठिन मेरी कोई परीक्षा नहीं हो सकती थी। उस परीक्षा में भी मैं अटूट रूप से पार्टी के साथ खड़ा रहा और उसके झंडे को ऊंचा उठाए रखा। पार्टी ने निश्चय ही उसका मुझे केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री बनाकर पुरस्कार भी दिया। कहा कि हमारा लक्ष्य पार्टी हित होना चाहिए और मैं अपने कलमी भाइयों और राजनीतिक दोस्तों को स्पष्ट बता देना चाहता हूं कि जिस क्षण हरीश रावत को लगेगा कि मैं पार्टी के लिए भार हो रहा हूं या मुझसे कहा जाएगा कि आप घर बैठिए, मैं बिना पलक झपकाए आदेश का पालन करूंगा। मगर किसी को तो सही आकलन करना पड़ेगा। ऐसा न हो, मैं अपने आप कोई फैसला लूं और कल मेरे कुछ दोस्तों को यह लिखना पड़े कि हरीश रावत के इस फैसले ने पार्टी की संभावनाओं को कमजोर किया है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जन का समर्थन आज भी मेरे साथ

हरदा ने कहा कि संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जन का समर्थन आज भी मेरे साथ है। अब तो चुनावी हारों का रहस्य भी सामने आने लग गया है, तो खुलकर के मतदाता अपनी बात कह रहा है। मैं कुछ दिन पहले लालकुआं और किच्छा क्षेत्र में गया था, दोनों जगहों पर जो लोग भी मुझे मिले, बोले-साहब, हमें तो आश्चर्य है कि आप हारे कैसे? खुद को विशुद्ध रूप से उत्तराखंडी, गढ़वाली और कुमाऊंनी बताते हुए उन्होंने कहा कि लुढ़कते-लुढ़कते, घिसते-घिसते, शून्य में मिल सकता हूं, लेकिन टूट नहीं सकता हूं। भाजपा पर निशाना साधते हुए रावत ने आरोप लगाया कि मेरे पीछे यूं ही सीबीआई और ईडी नहीं लगाई। राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को और यहां तक कि अब तो पार्टियों के अध्यक्षों को भी सुविधाएं दी जा रही हैं।

हरीश रावत को कोई  सुविधा नहीं दी जा रही

हरीश रावत को कोई  सुविधा नहीं दी जा रही। क्या यह बताने के लिए स्पष्ट नहीं है कि भाजपा आज भी इस ढलती उम्र में भी मुझे अपना प्रतिद्वंद्वी मान रही है? चार-चार पेज भाजपा ने समर्पित कर रखे हैं मुझको ट्रोल करने और मेरी छवि बिगाड़ने के लिए। कोई है ऐसा जिसकी छवि बिगाड़ने के लिए भाजपा इतना प्रयास कर रही है उत्तराखंड में?

मेरी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, मैं उस समझ से ऊपर चला गया हूं …

हरीश रावत ने कहा कि राजनीति में प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। मुझे गहरा दुःख है कि जिनसे मेरी कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, क्योंकि मैं उस समझ से ऊपर चला गया हूं, वे मेरे साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए दौड़ लगा रहे हैं और कभी लंगड़ी लगाना चाहते हैं, कभी कुर्ता खींचना चाहते हैं। मैं सबके लिए एक पूरक हूं और यदि इस पूरक का इस्तेमाल करना चाहें तो मैं वहां उपस्थित हूँ, मगर इस्तेमाल तो जिनके पास हथियार हैं, उनको तय करना है। मैं हाजिर हूं, मगर तय उनको करना है कि मेरा उपयोग करना है या नहीं करना है?

news