जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा।
उत्तराखंड मीमांसा न्यूज (ब्यूरो)। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का टोल प्लाजा पर लाठीचार्ज के बाद शुरू धरना सीएम से वार्ता के बाद डीएम और एसएसपी के पहुंचने पर समाप्त हो गया। डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मांगों के संबंध में आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने किसानों से कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगा। जिला और तहसील स्तर पर नियमित किसान दिवस आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान हो। सौर ऊर्जा पर दी जाने वाली छूट को पुनः लागू करने के लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। किसानों पर बिना कारण चालान नहीं किए जाएंगे। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और गन्ने का मूल्य निर्धारण जल्द कराने के लिए इकबालपुर शुगर मिल से संबंधित बैठक शासन स्तर पर बुलाई जाएगी। स्मार्ट मीटर के संबंध में शिविर लगाया जाएगा, जिसमें किसानों को पूरी जानकारी दी जाएगी। जो किसान सहमति देंगे, उनके घरों पर ट्रायल के तौर पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि 21 अगस्त से जारी आंदोलन को देखते हुए किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता के लिए भेजा गया था। इस वार्ता में किसानों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, इसी क्रम में बहादराबाद थाना प्रभारी नरेश राठौड़ का तबादला जनपद चमोली कर दिया गया।
किसानों की समस्याओं की अनदेखी की तो बड़े स्तर पर किया जाएगा आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के गढ़वाल अध्यक्ष चौधरी संजय ने बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री से हुई वार्ता सकारात्मक रही। मुख्यमंत्री ने किसानों की सभी प्रमुख मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है। किसानों के हित में मिले इन आश्वासनों के बाद चार दिन से चल रहा धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि भविष्य में किसानों की समस्याओं की अनदेखी की गई तो आंदोलन और भी बड़े स्तर पर किया जाएगा।


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