April 6, 2026

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बच्चे की जघन्य हत्या का पर्दाफाश, सिर और हाथ 85 घंटे बाद मिला

गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में 10 साल के बालक की गला काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बच्चे की जघन्य हत्या का पर्दाफाश कर दिया है।

उत्तराखंड मीमांसा न्यूज (ब्यूरो)। चार अगस्त सोमवार को 11 साल का अमित मौर्य दोपहर 12 बजे से लापता था। पांच घंटे के अंदर ही अमित वीभत्स हत्या का शिकार बन गया। शातिर आरोपी ने शव को अलग-अलग दबाया। धड़ 22 घंटे बाद तो शरीर का काटा गया हिस्सा सिर और हाथ 85 घंटे बाद यानी शनिवार तड़के एक बजे के करीब पुलिस को मिला। बच्चे की जघन्य हत्या का पर्दाफाश पुलिस के चुनौती बन गया था। आरोपी/संदिग्ध के रूप में पुलिस के गिरफ्त में था लेकिन, उसकी जुबान बंद थी।

पर्दाफाश के दौरान जो तथ्य सामने आए उससे एक बात को स्पष्ट हो गई कि आरोपी शातिर था। खुद को बचाने के लिए उसने हर जोर आजमाईश की। पुलिस पांच दिन तक उलझी रही। वह जानती तो सब थी लेकिन, कड़ियां कैसे जुड़ें इसमें उसे मशक्कत करनी पड़ गई। बच्चा सोमवार को 12 बजे गायब हुआ और पांच घंटे में वह भी दिनदहाड़े आरोपी ने जघन्य हत्या की वारदात की, शव को टुकड़ों में कर गड्ढे में दबा दिया। बच्चे के परिजनों की मदद से पुलिस ने मंगलवार सुबह दस बजे के करीब गड्ढे से बच्चे का अधूरा शरीर, जिसका सिर और हाथ गायब था, बरामद कर लिया। सिर और हाथ पुलिस शनिवार को तड़के एक बजे ढूंढ पाई यानी 85 घंटों बाद। आरोपी पांच दिन से पुलिस की कस्टडी में होने के बाद भी अपनी बातों में जांच टीम को उलझाए रखा। उसे तोड़ने के लिए पुलिस ने पूरी कोशिश की लेकिन, कामयाबी छठवें दिन ही मिल पाई।

क्या है पूरा मामला
गौलापार के पश्चिमी खेड़ा गांव में 11 साल के बालक की गला काटकर हत्या कर दी। सोमवार से लापता बच्चे का शव मंगलवार को घर के पास ही खेत के गड्ढे से बरामद हुआ। उसका सिर और एक हाथ नहीं था। वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले युवक पर हत्या का शक जताया। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया। बरेली (यूपी) के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य करीब 15 साल से गौलापार के पश्चिमी खेड़ा में बंटाईदार का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार के साथ यहीं झोपड़ी में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनका 11 साल का बेटा अमित मौर्य सोमवार दोपहर 12 बजे से लापता था। परिजनों ने काठगोदाम थाने में इसकी जानकारी दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो बच्चा गांव के संपन्न परिवार के घर की ओर जाता दिखाई दिया लेकिन, वह वहां से लौटता हुआ नहीं नजर आया। परिजन पड़ोसी के यहां पूछताछ करने गए तो उन्होंने बच्चे को नहीं जानने की बात कही। संदेह होने पर पुलिस ने पड़ोसी परिवार के चार लोगों को हिरासत में ले लिया।

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