February 3, 2026

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उत्तराखंड में नदियों के किनारों से पुराने निर्माण हटेगा, अब ड्रोन से होगी निगरानी

मुख्य सचिव ने गंगा पर लगे सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में नदियों के प्रतिबंधित क्षेत्र में बने पुराने निर्माण हटाए जाएंगे। साथ ही नदियों के किनारे नए निर्माण न हों, इसके लिए प्रत्येक महीने ड्रोन आदि से वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी ताकि नए निर्माण का पता चल सके। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु ने इसके निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव सचिवालय में मंगलवार को राज्य स्तरीय गंगा समिति की 14वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने गंगा नदी पर लगे सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्थानीय लोगों के सुझाव भी शामिल करने को भी कहा। उन्होंने गंगा के किनारे बसे शहरों में भी सेप्टेज मैनेजमेंट पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा में ड्रेनेज का अशोधित जल न जाए यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने नगर निकायों को विभिन्न स्थानों में जमा पुराने कूड़े (लीगेसी वेस्ट) को प्रोसेस कर उसके निपटारे की व्यवस्था भी शीघ्र तय करने के निर्देश दिए। कहा कि सभी जिला विकास समितियां एनजीटी की गाइडलाइन के अनुरूप कार्रवाई करें। बैठक में पीसीसीएफ (हॉफ) विनोद कुमार, अपर सचिव पर्यटन सी. रविशंकर, उदयराज सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम से मांगा जिले में चेक डैम बनाने का मास्टर प्लान

मुख्य सचिव ने प्रदेश में भूजल के स्तर को बनाए रखने के लिए छोटे चेक डैम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में चेक डैम के मास्टर प्लान बनाने को कहा। उन्होंने वन विभाग को भी प्रदेश के तहत सभी फ्लड प्लेन जोन में पौधरोपण के निर्देश दिए।

74522 किसान कर रहे जैविक खेती

बैठक में बताया गया कि मनरेगा के तहत 689735 ग्रामीण परिवारों को 120182.07 लाख रुपये का प्रत्यक्ष मजदूरी रोजगार दिया, व्यक्तिगत स्वरोजगार, कृषि और कृषि संबद्ध क्षेत्र और स्वयं सहायता समूहों से संबंधित वृद्धि गतिविधियों पर 110201.65 करोड़ रुपये खर्च किए गये और 1182 गांव के 74522 किसान जैविक खेती के लिए लगे हुए हैं।

ऋषिकेश में पर्यटन सर्किट के विकास को योजना तैयार

बैठक में बताया गया कि गंगा के किनारे ऋषिकेश में पर्यटन सर्किट के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है। हर की पौड़ी, हरिद्वार में गंगा आरती के लिए ऑडियो वीडियो सुविधा विकसित की जा रही है। ग्रामीणों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटन वेबसाइट व अन्य लोकप्रिय ओटीए पर प्रचार हो रहा है। नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट और हरिद्वार में चंडी घाट में गंगा पर संग्रहालय स्थापित किया गया है।

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