-मेयर सुनील उनियाल गामा ने स्मार्ट सिटी के काम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। साथ ही मुख्यमंत्री से काम की वित्तीय जांच की मांग की है।
देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर बदरंग किया जा रहा है। इससे जनता ही नहीं बल्कि, मेयर भी परेशान हैं। स्मार्ट सिटी के काम से नाखुश मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चिट्ठी लिखी है। गामा ने साफ कहा है कि स्मार्ट सिटी का काम देहरादून की जनता के लिए सिरदर्द बन गया है। काम कर रहे ठेकेदार शहर के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर को विकास का उजाला दिखाने के बजाय इन्होने शहर को अंधकार में धकेल दिया है। गामा ने स्मार्ट सिटी के काम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए वित्तीय जांच की मांग की है।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने आज (गुरुवार 3 नवम्बर) मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र गामा में कहा कि स्मार्ट सिटी के काम से दुखी होकर उन्हें पत्र लिखना पड़ा है। स्मार्ट सिटी का काम कर रहे ठेकेदारों ने शहर का सत्यानाश कर दिया है। जगह-जगह सड़कें खुदी हुई हैं, सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं, जगह-जगह पाइप लाइन और सीवर लाइन टूट गई हैं। लेकिन, उन्हें सुधारा नहीं जा रहा है। ठेकेदारों की मनमानी से जनता का जीना दूभर हो गया है।
गामा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी का काम कर रही एक कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया था। लेकिन, इस कार्रवाई के बाद भी स्मार्ट सिटी कए काम में कोई सुधार नहीं हुआ है। ठेकेदार मनमर्जी से जनविरोधी व अव्यावहारिक काम कर रहे हैं। परेड ग्राउंड, राजपुर रोड, पलटन बाजार में नालों का काम स्मार्ट सिटी के तह त गत नवम्बर में शुरू हुआ था। लेकिन, कोई काम ही नहीं हुआ, सब वैसा ही पड़ा हुआ है। इससे आमजनता बहुत परेशान है।
गामा ने मुख्यमंत्री से स्मार्ट सिटी के काम को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। कहा कि गैर जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो नजीर बन सके।


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