-कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की डोली अपने मायके खरसाली के लिए रवाना हुई। अब छह महीने खरसाली में ही मां की पूजा-अर्चना होगी।
यमुनोत्री धाम में मां यमुना मंदिर के कपाट दोपहर 12:09 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए गए। कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की डोली अपने मायके खरसाली के लिए रवाना हुई। अब छह महीने खरसाली में ही मां की पूजा-अर्चना होगी।
गुरुवार सुबह मां यमुना के भाई शनि देव सोमेश्वर देवता की डोली खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुए। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल व पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि भैयादूज पर दोपहर 12:09 पर विधि-विधान के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किए गए।
इससे पहले सुबह 8:30 बजे मां यमुना के मायके खरसाली गांव से उनके भाई शनिदेव सोमेश्वर देवता की डोली बहन को लेने यमुनोत्री के लिए रवाना हुई।


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